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Khutbat E Juma in Etawah for 24 February 2023 : उर्दू/हिन्दी इश्तिहार दिनांक 24 फरवरी 2023 दिन जुमा

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शहर इटावा में ख़ुत्बात ए जुमा उर्दू इश्तिहार दिनांक 24 फरवरी 2023 दिन जुमा (03 शाबान 1444 हि0) शहर इटावा में ख़ुत्बात ए जुमा हिन्दी इश्तिहार दिनांक 24 फरवरी 2023 दिन जुमा (03 शाबान 1444 हि0)

Ijlaas-e-Aam Pumplate of Bahuti Khandsari Siddarthnagar: बहूती खण्डसरी सिद्धार्थनगर में एक रोज़ा दावती व इस्लाही इजलास-ए-आम आज

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सिद्धार्थनगर। दारूल उलूम बहूती ग्रांट ज़िला सिद्धार्थनगर की जानिब से आज रात 21 फरवरी 2023 वरोज़ मंगलवार को बाद नमाज़े इशा सरज़मीने बहूती में एक दावती व इस्लाही इज्तिमा होने जा रहा है जिसमें फ़ज़ीलतुश शैख़ हाफिज़ अब्दुल समी इब्ने कलीमुल्लाह मदनी (हफिज़हुल्लाह) दरयाबादी इस्लाहे मुआशरा के विषय पर, फज़ीलतुश शैख़ मौलाना रफीउद्दीन इब्ने नज्मुद्दीन रियाज़ी (हफिज़हुल्लाह) इल्म की अहमियत और ज़रूरत के विषय पर, फज़ीलतुश शैख़ मौलाना मुश्ताक़ अहमद इब्ने मुख़्तार अहमद रियाज़ी (हफिज़हुल्लाह) दरयाबादी नमाज़ की अहमियत के विषय पर, फज़ीलतुश शैख़ मौलाना अहमद हुसैन फ़ैज़ी (हफिज़हुल्लाह) फिक्रे आखि़रत के विषय पर क़ुरआन व हदीस़ की रोशनी में खि़ताब फरमाएंगे, इन शा अल्लाह! इजलास की सदारत फ़ज़ीलतुश शैख़ मौलाना फख़रूद्दीन रियाज़ी, निज़ामत फज़ीलतुश शैख़ मौलाना अब्दुल सलाम सोनी करेंगे, इन शा अल्लाह! तिलावते क़ुरआन: हाफ़िज़ मुहम्मद नसीम इब्ने मुहम्मद मुस्तक़ीम साहब हम्द बारी तआला: मौलाना नईम साहब रहमानी नअते पाक: वसीउल्लाह राइनी (हफिज़हुल्लाह)  आप तमाम हज़रात से शिर्कत की दरख़्वास्त की जाती है, ख़्वातीन के लिए परदे का भी माक़ूल इंतिज़ाम क...

Islah-E-Muashra Conference Agra on 18 February 2023: आगरा में इस्लाह ए मुआशरा कांफ्रेंस का आयोजन आज

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  आज दिनांक 18 फरवरी 2013 को हुदा इंटरनेशनल स्कूल, सैक्टर इ 4 ताज नगरी फेस 2 आगरा में एक इस्लाहे मुआशरा कांफ्रेंस का आयोजन मग़रिब की नमाज़ के बाद अम्मारा हाॅल में होने जा रहा है जिसमें मशहूर आलिम व जमाअते अहले हदीस़ हिन्द के सदर फ़ज़ीलतुश शैख़ असग़र अली इमाम मेहदी सलफी (हफिज़हुल्लाह), फ़ज़ीलतुश शैख़ जफरूल हसन मदनी (हफिज़हुल्लाह), फ़ज़ीलतुश शैख़ मक़सूदुल हसन फ़ैज़ी (हफिज़हुल्लाह), फ़ज़ीलतुश शैख़ अबू ज़ैद ज़मीर (हफिज़हुल्लाह) खि़ताब फ़रमाएंगे।  सदारत फ़ज़ीलतुश शैख़ क़ारी नज़मुल हसन फ़ैज़ी (हफिज़हुल्लाह) करेंगे और निज़ाम ए कांफ्रेंस जनाब मौलाना इफ्तिख़ार उसमानी, जनाब मौलाना शमीम रियाज़ी, और जनाब मौलाना जुबैर सनाबली करेंगे तथा कनवीनर जनाब मौलाना अब्दुल क़ुद्दूस रियाज़ी (हफ़िज़हुल्लाह) महासचिव दारूल हुदा एजूकेशनल एएड वेलफियर सोसाइटी हैं। इन शा अल्लाह! तमाम ब्रादराने इस्लाम से शिरकत की दरख़्वास्त है। ख़्वातीन के लिए परदे का माक़ूल इंतिज़ाम किया गया है। बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए खाने-पीने और ठहरने का भी इंतिज़ाम रहेगा। (इन शा अल्लाह)। नोटः- बाहर से आने वाले मेहमान अपने आने की इत्तिला पहले दें। अधिक जानकारी ...

Ijlaas-e-Aam Pumplate of Madrasa Umar bin Khattab: 19 फरवरी 2023 को मस्जिद व मदरसा उमर बिन ख़त्ताब में अज़ीमुल शान इजलास-ए-आम का आयोजन

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  मस्जिद व मदरसा उमर बिन ख़त्ताब अचार गली, शील फाटा, कौसा मुमबरा थाने में दिनांक 19 फरवरी 2023 को मगरिब की नमाज़ के बाद से रात 10 बजे तक एक अज़ीमुल शान इजलास-ए-आम का आयोजन होने जा रहे हैं जिसमें जनाब मुहम्मद आतिफ़ सनाबिली साहब इस्लाम और औरत के विषय पर, हाफ़िज़ अबू ज़र मदनी साहब  ज़लज़ले के विषय पर, मौलाना सरफ़राज़ फैज़ी साहब माल व दौलत की फ़ज़ीलत और फितने के विषय पर, मौलाना अरशद सकरावी साहब मुस्लिम नौजवानों का किरदार कैसा होना चाहिए? के विषय पर, इंजीनियर इज़हार खान साहब तालीम की अहमियत व अफ़ादीयत के विषय पर, और मौलाना सलीम अहमद सिराजी साहब बच्चों की तरबियत क्यों और कैसे? के विषय पर भाषण देगें, इस इजलास की सदारत मौलाना हमीदुल्लाह सलफ़ी साहब करेंगे तथा ज़ेरे सरपरसती अब्दुल रशीद मलिक और ज़ेरे एहतिमाम इस्लामिक रिसर्च सेंटर. नोटः औरतों के लिए पर्दे का इंतिज़ाम भी किया गया है। आप तमाम लोगों से शिरकत की गुज़ारिश की जाती है। ज़ेरे निगरानी: अदशद कमाल साहब तिलावत-ए-क़ुरआन: जमील अहमद क़ासमी साहब निज़ामतः डाक्टर अब्दुल्लाह फैसल (एडिटर अल मिसबाह मुमबई) 

Khutbat E Juma in Etawah for 17 February 2023 : उर्दू/हिन्दी इश्तिहार दिनांक 17 फरवरी 2023 दिन जुमा

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  शहर इटावा में ख़ुत्बात ए जुमा  उर्दू इश्तिहार  दिनांक  17 फरवरी 2023  दिन जुमा (25 रजब 1444 हि0) शहर इटावा में ख़ुत्बात ए जुमा  हिन्दी इश्तिहार  दिनांक  17 फरवरी 2023  दिन जुमा (25 रजब 1444 हि0)

Complete tour of Masjid-E-Nabawi: मस्जिद का मक़ाम व मर्तबा : Khutba e Juma

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अल-मस्जिद अन-नबवी, जिसे अंग्रेजी में (Prophet's Mosque) पैगंबर की मस्जिद के रूप में जाना जाता है, सऊदी अरब के अल मदीना प्रांत के मदीना शहर में इस्लामी पैगंबर मुहम्मद सल्ल0 द्वारा निर्मित एक मस्जिद है। यह कुबा मस्जिद के बाद मदीना में मुहम्मद सल्ल0 द्वारा निर्मित दूसरी मस्जिद थी, और इस्लाम में दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद और दूसरी सबसे पवित्र स्थल है, दोनों मक्का में मस्जिद अल-हरम के बाद रैंकिंग करते हैं। मस्जिद मदीना के केंद्र में स्थित है और एक प्रमुख तीर्थ स्थल है जो दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक के दायरे में आता है। और ये कि मस्जिदें सिर्फ अल्लाह के लिये ख़ास हैं, पस अल्लाह तआला के साथ किसी और को न पुकारो - सूरह जिन आयत नं0: 18 मस्जिदे-नबवी की तामीर के मुताल्लिक़ लोगों की बातों को सुन कर आप ने फ़रमाया कि तुम लोगों ने बहुत ज़्यादा बातें की हैं। हालाँकि मैंने नबी करीम (सल्ल०) से सुना है कि जिसने मस्जिद बनाई बुकैर (रावी) ने कहा, मेरा ख़याल है कि आप ने ये भी फ़रमाया कि उस से मक़सद अल्लाह तआला की रज़ा हो  तो अल्लाह तआला ऐसा ही एक मकान जन्नत में उसके लिये बनाएगा। (सहीह बुख़ारी हदीस ...

The biggest condition of being a Muslim: मुसलमान होने की सबसे बड़ी शर्त

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कोई आदमी उस वक़्त तक मुसलमान नहीं हो सकता जब तक कलमा-ए-तय्यबा पर उसका ईमान न हो।

Masjid e Nabwi Tour: मस्जिदे नवबी टूर

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Shaikh Muhammad Aasim As'ad Salafi Etawi (Hafizahullah) काफी दिनों से इरादा था कि यहां एक यूट्यूब चैनल बनाया जाए और इसमें कम से कम चार साला तमाम यादों को वीडियोज़ की शक्ल में जमा किया जाए ताकि बीते ज़मानें की याद सताए तो सारी यादें मौजूद हों। नीज़ इसके आलावा कभी कभी वीडियोज़ की शक्ल में पैग़ाम देने का दिल करे तब भी इसका इस्तेमाल किया जा सके। लिहाज़ा इस चैनल पर आपको किभी भी तरह की वीडियोज़ मिल जाएंगी जो इन शा अल्लाह किसी न किसी के लिए ज़रूर फायदेमंद होंगीं। अगर आप भी राग़िब हैं तो चैनल को सब्स्क्राइब करें और अगर आपका अपना यूट्यूब चैनल है तो उसकी लिंक कमेंट में दें, हम भी आपको सब्स्क्राइब करेंगे, इन शा अल्लाह। नीचे वीडियो को लिंक दिया गया है जिसमें मस्जिदे नबवी का मुख़्तसर टूर है इसे ज़रूर देखें। मिन जानिब- शैख आसिम असअद सलफ़ी इटावी (हफिजहुल्लाह), मदीना मुनव्वरह

Splashing towards the shame after Wuzu: वुज़ू के बाद शर्मगाह की तरफ छींटे मारना

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(बिस्मिल्लाहिर्रमानिर्रहीम) सवालः वुज़ू के बाद शर्मगाह की तरफ छींटे मारने की शरई हैसियत क्या है? जवाबः वुज़ू के बाद शर्मगाह की तरह छींटेे मारना शरई तौर पर जायज़ और दुरूस्त है, इसके ज़रिए शैतानी वसवसे दूर होते हैं। सहीह हदीस़ मेें हैः ‘‘रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पेशाब करते तो वुज़ू करते और शर्मगाह पर पानी के छींटे मारते।’’ (हवाला - अबू दाऊद सहीह हदीस़: 166, हाकिम: 1/171, इस रिवायत को इमाम हाकिम रहिमहुल्लाह और इमाम ज़हवी ने बुख़ारी व मुस्लिम की शर्त पर सहीह कहा है।) सुनन नसाई में ये अल्फ़ाज़ हैं- ‘‘हज़रत हकम बिन सुफियान रज़ि0 से रिवायत है वो बयान करते हैं कि मैंने रसूलुल्लाह सल्ल0 को देखा आप ने वुज़ू किया और अपनी शर्मगाह पर पानी छिड़का।’’ (हवाला - नसाई: 134,135) हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हु से एक आदमी ने शिकायत की कि मैं जब नमाज़ में होता हूँ तो मुझे ख़्याल आता है कि मेरे ज़कर पर तरी है तो हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ि0 फ़रमाते हैंः ‘‘अल्लाह शैतान को ग़ारत करे वो नमाज़ में इंसान की शर्मगाह को छूता है ताकि उसे ये ख़्याल दिलाये कि वो बे वुज़ू हो गया है, जब तुम वुज़ू करो तो अपनी शर्मग...

Khutbat E Juma in Etawah for 10 February 2023 : उर्दू/हिन्दी इश्तिहार दिनांक 10 फरवरी 2023 दिन जुमा

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  शहर इटावा में ख़ुत्बात ए जुमा  उर्दू इश्तिहार  दिनांक  10 फरवरी 2023  दिन जुमा (18 रजब 1444 हि0) शहर इटावा में ख़ुत्बात ए जुमा  हिन्दी इश्तिहार  दिनांक  10 फरवरी 2023  दिन जुमा (18 रजब 1444 हि0)

Turkey Earthquake Viral Video: तुर्की के मासूम बच्चों के हक़ में अमन व अमान की दुआ

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तुर्की और सीरिया में आए भूकंप ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है. भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली और उससे कहीं ज्यादा लोग घायल भी हैं. सबसे ज्यादा हैरत की बात ये है कि कई लोग भूकंप के बाद फैले मलबे में अभी भी जिंदा दबे हैं जिनके वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.  आप लोगों से गुज़ारिश है कि तुर्की में आए भूकम्प से जूझ रहे लोगों और बच्चों के लिए अल्लाह से उनके हक़ में अमन व अमान की दुआ करें। अल्लाह उनकी हर तरह से हिफ़ाज़त फ़रमाए, आमीन ऐ मेरे रब तुर्की के मासूम बच्चों पर अपना रहम फरमा... #आमीन pic.twitter.com/NMNGYc1cd9 — Yasmeen Khan (@YasmeenKhan_786) February 8, 2023

The use of Islam 360 is harmful to Ahle Hadith: इस्लाम 360 नामी एप्लीकेशन गुमराहियों का मजमूआ

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Against Islam 360 Application: इस्लाम 360 का उपयोग अहले हदीस के लिए घातक बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम - प्यारे दोस्तों! इस्लाम 360 एप के बारे में आपने ज़रूर सुना होगा। ये एप एक इस्लामिक एप है जिसके माध्यम से मुस्लिम और ग़ैर मुस्लिम दीने इस्लाम को जानने और समझने की कोशिश कर रहे हैं। इस एप के अंदर क़ुरआन और इसका तर्जुमा उर्दू, हिन्दी और अंग्रेज़ी आदि में दिया गया है और इसके साथ क़ुरआन की तफ़सीर भी मौजूद है। और इस एप के अंदर तमाम हदीसें सनद के साथ आपको मिल जाएंगी। गूगल प्ले स्टोर पर इसके 10 मिलियन से अभी ज़्यादा डाउनलोड हैं। परन्तु ये एप एक फ़िरक़ा वाराना एप है जिसमें कुछ सही तर्जुमा व तफ़सीर शामिल नहीं की गईं है। इसी की बुनियाद पर आज ये एप चर्चा का विषय बन गया है। अब हम इस विषय पर विस्तार से बात कर रहे हैं- दोस्तों! आज कल आम तौर पर लोग अपनी दावत वग़ैरा की शुरूआत किताब (क़ुरआन मजीद) व सुन्नत (अहादीसे मुबारका) से करते हैं। शुरूआत में ख़ालिस सलफियत और अहले हदीसियत के नाम पर अपना प्रचार व प्रसार करते हैं, अहले हदीस़ के बड़े उलमा-ए-किराम का तक़र्रूब हासिल करते हैं। अपने काम को आलमी और वल्र्ड लेवल का बता कर ...

Virtue of Respectful Months: हुरमत वाले महीनों की फ़जीलत

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(बिस्मिल्लाहिर्रमानिर्रहीम) : सूरह तौबा 9 की आयत नं0 36 में अल्लाह सुब्हानहु व तआला ने इरशाद फ़रमाया: ‘‘महीनों की गिनती अल्लाह के नज़दीक अल्लाह की किताब में बारह की है उसी दिन से जब से उसने आसमान और ज़मीन को पैदा किया इन में से चार महीने हुरमत व अदब के हैं और यही सही सलातम सीधा और क़ायम दीन है तुम इन महीनों में अपनी जानों पर ज़ुल्म न करो और तुम तमाम मुशरिकों से जिहाद करो जैसे कि वो तुमसे लड़ते हैं और जान रखो कि अल्लाह तआला मुत्तक़ियों के साथ है।’’ मालूम हुआ कि साल में बारह महीने होते हैं और इनमें से चार महीने हुरमत वाले हैं। हुरमत के मायना है कि इन महीनों में अल्लाह की ख़ूब इबादत करें, नाफ़रमानी से और गुनाहों से रूके रहें, जंग और जिदाल ख़ास तौर से जिहाद की शुरूआत न करें, हां! अगर कोई लड़ने आए तो दिफ़ा में जवाब दिया जा सकता है। तो जंग की शुरूआत नहीं होगी, नाफ़रमानी और गुनाहों के कामों से बचते रहेंगे और नेकी में इज़ाफ़ा करेंगे, यही मायने हैं मोहतरम यानी हुरमत वाले महीने का। आगे फ़रमाया इन चार महीनों में ऐ लोगो! अपने नफ़स पर ज़ुल्म मत किया करो। ज़ुल्म किस तरह से - गुनाह करके, नाफ़रमानी करके, जंग जिदाल की श...