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Showing posts from October, 2021

Stop Backbiting : ग़ीबत किसे कहते हैं? | What says the Prophet Muhammad SAW?

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Backbiting : अज़ीज़ भाईयों और बहिनों! आज समाज में ग़ीबत करना बहुत आम हो गया है, जहाँ घर में दो औरतें हों, मुहल्ले और गलियों में दो तीन मर्द हों तो फिर समझ लो कि वो किसी तीसरे की ग़ीबत करते नज़र आ जायेंगे और लोग इस गुनाह को गुनाह तसव्वुर ही नहीं करते हैं जबकि ये भी एक कबीरा गुनाह है जैसा कि अल्लाह तआला ने क़ुरआन मजीद में इरशाद फ़रमायाः ‘‘तुममें से कोई किसी की ग़ीबत न करे। क्या तुममें से कोई व्यक्ति यह पसन्द करता है कि अपने मुर्दा भाई का गोश्त खाए तुम इससे ज़रूर नफ़रत करोगे, अतः अल्लाह से डरो अल्लाह तआला निश्चय ही तौबा क़ुबूल करने वाला मेहरबान है।’’ (सूरह हुजुरात, आयत 12) ग़ीबत किसे कहते हैं? ग़ीबत की वज़ाहत करते हुए आप सल्ल0 ने फ़रमायाः ‘‘ग़ीबत यह है कि तू अपने भाई का ज़िक्र इस तरह करे जो उसे नापसन्द हो।’’ सहाबी ने अर्ज़ किया ‘‘अगर वह बात उसमें मौजूद हो तो फिर?’’ आप सल्ल0 ने इरशाद फ़रमायाः ‘‘अगर उसमें मौजूद है तब वह ग़ीबत है और अगर मौजूद न हो तब वह बोहतान है।’’ (मुस्लिम, अबू दाऊद, तिर्मिज़ी, नसाई) ग़ीबत के बारे में रसूले अकरम सल्ल0 के कुछ इरशादातग़ीबत, ज़िना से भी सख़्त गुनाह है। सहाबा किराम रज़ि0 ने अर्ज़ किया...

Lie : जानिए, झूठ क्या है? : Instructions

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Lie : बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम : अज़ीज़ साथियों! आज समाज में झूठ बोलना बहुत आम हो गया है, घर के बड़े अपने छोटों से और छोटे अपने बड़ों से झूठ बोलते रहते हैं और इसी तरह बाज़ारों में दुकानदार झूठ बोलकर अपना सामान बेचते हैं और कभी हम लोग सामान ख़रीदते समय झूठ बोल देते हैं और झूठ बोलना हम बहुत मामूली बात समझते हैं जबकि झूठ बोलना कबीरा गुनाह है जैसा कि अल्लाह तआला ने क़ुरआन मजीद में इरशाद फ़रमायाः ‘‘निःसन्देह अल्लाह तआला हद से गुज़रने वालों और झूठ बोलने वालों को हिदायत नहीं देता।’’ ( सूरह मोमिन 40, आयत 28) वज़ाहत: झूठ क्या है? इसकी वज़ाहत करते हुए रसूलुल्लाह सल्ल0 ने इरशाद फ़रमाया: ‘‘जिसने बच्चे से कहा मेरे पास आओ, मैं तुम्हें कोई चीज़ दूँ, फिर न दी तो यह झूठ होगा।’’ (मुसनद अहमद) झूठ के बारे में रसूलुल्लाह सल्ल0 के कुछ इरशादात देखेंःजब कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तो झूठ की बदबू से फ़रिश्ता उससे एक मील दूर चला जाता है। (तिर्मिज़ी) झूठ से बचो इसलिए कि झूठ अवज्ञा (नाफ़रमानी) की तरफ़ ले जाता है और अवज्ञा जहन्नम में ले जाती है। (बुख़ारी) वह व्यक्ति बर्बाद हो गया जो लोगों को हंसाने के लिए झूठ बोलता है उसके लिए जहन...

Flying Arrow : उड़ता तीर ख़ुद अपने ऊपर : Lady Bus Conductor

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M.A.As’ad Salafi, Etawi Flying Arrow बैंगलोर :  अभी बस में एक लेडी कंडेक्टर को बार बार चीखता लिल्लाता देख ये अंदाज़ा हुआ कि हर चीज़ में मर्दों की बराबरी की ये बचकाना ख़्वाहिश औरतों को किस मक़ाम पर ले आयी है। उस कंडेक्टर के ख़स्ताहाल, बिख़रे बाल, लहज़े की झुंझलाहट, आवाज़ की कड़वाहट और ज़ाहिरी थकावट साफ़ बता रही थी कि जो औरत कल इज़्ज़त कमाने निकली थी आज वो बसों में हर रोज़ ज़लील हो रही है। हुक़ुक़ ए निसवां के इन छोटे अलमबर्दारों ने ज़रा से माल का लालच देकर औरत को एक शख़्स (शौहर) की ख़िदमत से निकालकर सैंकड़ों लोगों की ख़िदमत में लगा दिया और उस पर आज़ादी का लेबल चस्पा करके इस तरह धोका दिया कि नादान औरतें समझ ही न सकीं और उनके दाम फ़रेब में आकर अपनी ज़िन्दगियां तबाह कर लें। अल्लाह की क़सम! इस्लाम में औरत का मक़ाम इससे बहुत बालातर है कि वो चन्द सिक्कों के इवज़ अपनी इज़्ज़त व वक़ार को भूल जाए और घरों में शान से शहज़ादी बनकर रहने की बजाए नौकरी के नाम पर बसों और ट्रेनों में धक्के खाए और हर रोज़ ज़लील व ख़्वार हो। औरत फ़ितरी तौर पर जज़्बाती होती है लिहाज़ा अल्लाह रब्बुल आलमीन ने कमाने की ज़ि...