Dream World : नौजवानों की आरज़ुओं का धुंधला अक्स : Aspirations of the Youth
Dream World : अस्सलामु अलैकुम व रह मतुल्लाहि व ब रकातुहू! प्रिय नौजवान दोस्तों, आप इस समय Dream World अरमानों की दुनिया में जिंदगी के दो राहे पर खड़े हैं, जिसकी एक तरफ़ तो Dream World अरमानों की दुनिया में दुनिया की दिल फरेबियां, धोखाधड़ी, आपको दावत दे रही हैं और दूसरी तरफ़ ज़िम्मेदारियाँ आपका इंतिज़ार (प्रतीक्षा) कर रही हैं। परन्तु आप Dream World अरमानों की दुनिया में अपने अंदर उम्मीदों, उमंगों और वलवलों का तूफ़ान पाते हैं और रंग-बिरंगी आरजुएं (इच्छाएं) आपको बेचैन किए देती हैं, परन्तु Dream World अरमानों की दुनिया में इन आरजुओं को पालने और पूरा करने में आप अक्सर नाकाम (असफल) रहते हैं, क्योंकि Dream World अरमानों की दुनिया में हर आरज़ू की तकमील (पूर्ति) आपके बस की बात नहीं है और न यह दुनिया आपकी मर्ज़ी के मुताबिक़ चल सकती है। इसलिए आप अक्सर बेबस होकर रह जाते हैं और हसरतो-यास (अभिलाषा) से पुकार उठते हैं- अब पेश है: “इक जान नातवां है हर सू अज़ाबे जिंदगी।” या कभी-कभी ग़ालिब का यह शेर पढ़कर बेहद उदास हो जाते हैं – “हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान लेक...