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जुलाई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Halal and Haram : ह़राम को ह़लाल और ह़लाल को ह़राम ठहराना : Sins

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Halal and Haram : बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम : शिर्के अकबर की बुरी और रिवाज पा गई मिसालों में से एक अल्लाह की हराम कर्दा चीज़ों को हलाल (Halal) और हलाल को हराम (Haram) करना है। इसी तरह यह यक़ीन रखना कि ह़लाल और हराम (Halal and Haram) का ह़क़ अल्लाह के सिवा और भी कोई रखता है। Halal and Haram, इसी तरह अपनी राज़ी व मरज़ी से गैर शरई अदालतों में अपने मुक़द्दिमे ले जाते हैं और उन जाहिलाना क़ानूनों से अपने अपने मसाइल हल कराने को जाइज़ समझना कुफ्र अकबर है जैसा कि फ़रमाने इलाही है: اتخذوا أحبارهم ورهبانهم أربابا من دون الله तरजमा- उन्होंने अल्लाह तआला को छोड़ कर अपने उलमा और बुजुर्गों को अपना रब बना लिया है। (सूरह तौबा- 31/10) अदी बिन हातिम रज़ी अल्लाहु अन्हु ने जब नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को यह आयत तिलावत फ़रमाते हुए सुना तो अर्ज़ किया वह उनकी इबादत तो नहीं करते थे, आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया, क्या ऐसा नहीं था कि वह अल्लाह की ह़लाल की हुई चीज़ों को उनके कहने पर ह़राम और अल्लाह की ह़राम की गई चीज़ों को उनके कहने पर हलाल समझते थे? मैंने कहा हां, फरमाया यही तो उनकी इबादत ...

Learn Daily Azkar : रोज़मर्रा के अज़कार : Allah ka Zikr roz karen

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Learn Daily Azkaar : Iss post me aap Learn Daily Azkaar seekhenge, jinhen Sahih Hadith ke hawale se pesh kiya gaya hai hame Learn Daily Azkaar matlab Allah ka Zikr karte rehna chahiye. Iski bahut zyada fazeelat aur Ajr o Sawab hai. Learn Daily Azkaar: • Qur’an • Subhan Allah — 100 baar • Alhamdulillah, Subhan Allah, La ilaha illal lah, Allahu Akbar • Subhan Allahi wa Bihamdihi — 100 baar • Subhan Allahi wa Bihamdihi, Subhan Allahi-l Azeem • Astagfirullaha wa aatubu ilayhi — 100 baar • Rabbighfirli wa tub alayya innaka antat tawwabur rahim — 100 baar • La hawla wa la quwwata illa billah • Sall Allahu alayhi was sallam, Allahumma Salli wa Sallam alaa Nabiyyinaa Muhammad (Aey Allah, Rahmat aur barkat nazil farmaiye Muhammad par) — ye asaan darood hain, muqammal wale bhi zaroor padhen • Laa ‘ilaaha ‘illallaahu wahdahu laa shareeka lahu, lahul-mulku wa lahul-hamdu, wa Huwa ‘alaa kulli shay’in qadeer — 100 baar ya 10 baar ya 1 baar • Qur’an Rasoolullah (Sallallahu Aayhi Wasallam) ne farmaya...

Nightfall : स्वप्नदोष एवं कसरते एहतलाम की रोकथाम : Treatment

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Nightfall & Treatment : इस पोस्ट में हम अपने प्यारे और भोले भाले नौजवानों को Nightfall और उसके Treatment के सम्बन्ध में निम्नलिखित ऐसी बातों और कामों से अवगत कराना चाहते हैं जिनका जानना आपके लिए अत्यन्त आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है। और वो ये है – Nightfall and prevention of Excess semen , Nightfall, Nightfall, Nightfall…? बदख़्वाबी (स्वप्नदोष) शबाब (यौवन) और जवानी आने और बालिग़ (युवा) होने की शुरुआत में जिंसी जज़्बात में शदीद इन्तेशार (विस्तार) और हैजानो-तूफ़ान (आंधी) पैदा होते रहते हैं। जहां किसी को देखा और चेहरे पर नज़र पड़ी, तबियत में इन्तेशार पैदा हो गया। कोई गाना सुन लिया, सिनेमा देखा, नाविल पढ़ा या इश्को-मुहब्बत की बातें सुनी तो यकदम (तुरंत) इश्तिआल (उत्तेजना) पैदा हुआ। अब अगर अक्लमंदी और ज़ब्लो-इस्तिक़लाल (चित्त की दृढ़ता) के साथ इनको क़ाबू में न रखा जाए तो क़दम डगमगाने लगते हैं और नादान और न तजुर्बेकार नौजवान इस जिंसी तूफ़ान और ख़्वाहिश से मग़लूब (लाचार) हो जाता है। उसकी अक़लो-फ़िक्र ही उसे रोकने में नाकाम रहती है और वह बुरी राह पर चलकर तरह-तरह की ख़राब आदतों और गंदी और घिनौनी ...

Sacrifice : क़ुर्बानी की तारीख़ (इतिहास) और हुक्म : Commands

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बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम : अस्सलामु अलैकुम व रह मतुल्लाहि व ब रकातुहू! इस पोस्ट में आप जानेंगे क़ुर्बानी की तारीख़ (इतिहास) और क़ुर्बानी Sacrifice का हुक्म History of Sacrifice and Commands क़ुरआन और हदीस़ की रोशनी में। अतः पेश है – History of Sacrifice and Commands. क़ुरबानी की शुरूआत हज़रत आदम अलै0 के दौर से होती है। हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के दोनों बेटे हाबील व क़ाबील ने दुनिया-ए-इंसानियत में पहली क़ुर्बानी बहुज़ूर परवरदिगार पेश की। चुनांचे हाबील ने एक मैंढे की क़ुर्बानी पेश की और क़ाबील ने ग़ल्ला वगैरह का तसद्दुक़ पेश किया। अल्लाह पाक ने तक़्वा की बुनियाद पर हाबील की क़ुर्बानी क़बूल फ़रमायी और क़ाबील की रद कर दी। इसका ज़िक्र क़ुरआन मजीद की सूरह 5 अल-मायदा की आयत नं० 27 में यूँ आता है: “और ज़रा इन्हें हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के दोनों बेटों का क़िस्सा हक़ के साथ सुना दो जब उन दोनों ने क़ुर्बानी की तो उन में से एक की क़ुर्बानी क़बूल की गई और दूसरे की ना की गई उसने कहा मैं तुझे मार डालूंगा, उसने जवाब दिया ‘बेशक अल्लाह तो मुत्तक़ियों की क़ुर्बानी क़बूल करता है।” ये आयते करीमा तारीख़े क़ुर...

The Journey : जिंसी ज़िंदगी का सफ़र और उलझनें : Sexual Life

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The Journey : बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम, अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व ब रकातुहू! मेरे प्यारे नौजवान मुसाफ़िरों, जिंदगी एक ऐसा सफ़र (The Journey) है. जिसमें हर रोज़ नित नये वाक़यात (घटनाएं) पेश आते रहते हैं। दूर की बात क्यों करें, आइए अपने जिस्म का हाल देंखे, अभी कल की बात है आप घुटनों के बल रेंगते फिरते थे, लेकिन आज आपमें हिरन की-सी चुस्ती व चालाकी है। कल आपको कई हिस्सों का ख्याल तक न था, मगर आज उन्हें ढांपना ज़रूरी समझते हैं। पहले आपके चेहरे पर कोई बाल न था, मगर आज आपकी मूछें उग आई हैं, दाढ़ी के बाल निकल आए हैं। बग़लों (कांखों) में और नाफ़ के नीचे भी बाल ज़ाहिर होने लगे हैं। यह सब ऐसी तब्दीलियां (परिवर्तन) हैं, जिन्हें आप ख़ुद महसूस कर रहे हैं। देखिए क़ुदरत ने हमारे जिस्म की मशीन बहुत अजीबो-ग़रीब बनाई है। हम खाना खाते हैं तो जिस्मानी मशीन इसमें से ख़ून बनाने और ज़िंदगी को क़ायम रखने वाले अजज़ा (अंशों) को अपने अंदर जज़्ब (शोषित) कर लेती है और बाक़ी माद्दा (पदार्थ) को पाखा़ने या पेशाब की शक्ल में ख़ारिज (निष्कासित) कर देती हैं। यह तो आप जानते ही हैं कि अगर हमारे जिस्म में ख़ून पैदा ...