Psychological desires : ख़्वाहिशात (इच्छाएं) और उनका इलाज : Treatment
Psychological desires : बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम, मेरे प्यारे नौजवान दोस्तों, अस्सलामु अलैकुम व रह मतुल्लाहि व ब रकातुहू! इस पोस्ट में आप लोगों को इंसान की नफ़सानी ख़्वाहिशात Psychological desires के बारे में जानकारी दी जा रही है और साथ ही इसका इलाज बताया गया है। चूंकि हर इन्सान आरजु़ओं (इच्छाओं) Psychological desires और उलझनों का शिकार होता रहता है अक़्सर लोग इसी Psychological desires के शिकार हैं और यह सिलसिला सारी ज़िन्दगी जारी रहता है। लिहाज़ा हम आपको यह बताना ज़रूरी समझते हैं कि Psychological desires इंसान के अंदर क्यों पैदा होती हैं आख़िर ऐसा क्यों होता है और लोग क्यों इस Psychological desires जैसी मोहलक बीमारी में मुबतला होते हैं लेकिन इस गुफ़्तगू (चर्चा) में जो अल्फ़ाज़ (शब्द) बार-बार इस्तेमाल होंगे, पहले उनकी तश्रीह (व्याख्या) सुन लीजिए- Now let’s start : Psychological desires and their Treatment. Psychological Desires 1. शऊर (सचेत) : यह लफ़्ज़ (शब्द) आप बार-बार सुनते रहे हैं और आइंदा पोस्ट में इसे कई बार पढ़ेंगे। इसलिए आप इसका मतलब ख़ूब अच्छी तरह समझ लें और याद रखें- शऊर,...