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Human Rights : हुक़ूक़ का सम्बंध इंसान की तीन चीज़ों से

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इस वीडियो में आप जानेंगे कि हुकूक़ का सम्बन्ध इंसान की तीन कौन कौन सी चीज़ों से हैं इसकी पूरी वज़ाहत की है जनाम हाफिज़ अब्दुल अज़ीम मदनी हफिज़हुल्लाह नेे। इस वीडियो को पूरा ज़रीर सुनिए।

दुरूद शरीफ़ की फ़जी़लत

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"बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम" हज़रत अबू हुरैरा (रजि़यल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया: "जो कोई मुझ पर एक बार दुरूद भेजे अल्लाह तआला उस पर दस बार रहमत (नाजि़ल फ़रमाता) भेजता है।" (सहीह मुस्लिम : 912) फ़ायदे:- सलात और सलाम अल्लाह तआला के सामने पेश की जाने वाली उच्च स्तरीय दुआ है। जो अल्लाह के रसल (सल्ल०) की हस्ती से अपनी ईमानी प्रतिबद्धता और मुहब्बत के इज़हार के लिए आपके हक़ में की जाती है, और यह आदेश पवित्र कुरान में एक बहुत ही प्रभावी तरीके से अल्लाह सर्वशक्तिमान द्वारा हम बन्दों को दिया गया, अल्लाह तआला फरमान है: "निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर दुरूद भेजते हैं, ऐ लोगो जो ईमान लाए हो, तुम भी उनपर दुरूद और सलाम भेजो।" (सूरह अहजा़ब 33 आयत नं० 56) इस आयत से स्पष्ट है कि यह कृत्य (अमल) अल्लाह तआला को अत्यंत प्रिय है। इस आयत के आधार पर न्यायविद (फु़क़हा) इस बात से सहमत हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर सलात व सलाम भेजना मुसलमानों पर जीवन में एक बार फ़र्ज़ है। और हदीस़ में नबी (सल्...

इख़लास

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"बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम" सहीह मुस्लिम की हदीस नं० 6542 में हज़रत अबू हुरैरा (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया: "अल्लाह आपके शरीर और चेहरों को नहीं देखता, बल्कि वह आपके दिलों को देखता है।" इस हदीस़ में यह बात कही गई है कि कर्मों की स्वीकृति ह्रदय की स्थिति पर आधारित है। कर्म चाहे छोटा हो या तुच्छ, पूजा से संबंधित हो या आदत और आवश्यकता से, अगर यह इख़लास और अल्लाह की रजा़मंदी के इरादे से किया जाता है, तो अल्लाह उसके कर्मों को स्वीकार करेडा, अन्यथा, वह कर्म निर्जीव है, और अल्लाह के यहां उसकी कोई हैसियत नहीं है। अल्लाह को खु़श करने की इसी मंशा का नाम इख़लास है। इख़लास एक ऐसी तेज़ तलवार है जो ईश्वर की प्रसन्नता के इस उदात्त उद्देश्य को छोड़कर हर उद्देश्य को नष्ट कर देती है, फिर संतुष्टि की कोई सांसारिक इच्छा नहीं होती है और न तो देश, धन और साम्राज्य की इच्छा, न गर्व और सम्मान की इच्छा, न सत्ता और अधिकार की इच्छा, न विलासिता और आराम की इच्छा, न ही क्रोध और प्रतिशोध की इच्छा। इसलिए, प्रत्येक कार्य जो एक व...

अकीदा तौहीद : ईमान की सबसे अफ़ज़ल शाख़

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نحمده و نصلي على رسوله الكريم أما بعد فأعوذ بالله من الشيطان الرجيم ، بسم الله الرحمن الرحيم हज़रत अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: "ईमान की सत्तर से अधिक शाखाएँ हैं, जिनमें से सबसे अच्छी शाख़ "ला इलाहा इल्लल्लाह" का इक़रार है यानि "कोई ईश्वर नहीं है लेकिन अल्लाह।'' मुस्लिम: किताब अल-ईमान, अध्याय ईमान की शाखे़: 153 लाभ :- इस हदीस में स्पष्टता के साथ समझाया गया है कि आस्था के क्षेत्रों में ला इलाहा इल्लल्लाह शब्द का दृढ़ विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है, और विश्वास का सुधार, बल्कि सभी कार्यों का आधार है। विश्वास और विश्वास की परिपक्वता की शुद्धता पर है, और धर्म का पहला भेद और प्रमुख नारा विश्वास पर जो़र और आग्रह है। हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) से लेकर अंतिम पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) तक के पैग़म्बर इसी विश्वास का आह्वान करते रहे हैं। उनके अनुसार, सर्वोत्तम नैतिक जीवन और उच्चतम चरित्र, अच्छाई और ज्ञान का कोई मूल्य नहीं है जब तक कि इस अकी़दे में विश्वास न हो जिसको वह लेकर आए ह...

पैग़म्बर मुहम्मद सल्ल० की पैरवी में ही सब कुछ है : क़रआन संदेश

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(ऐ नबी) कहिए कि अगर तुम अल्लाह से मुहब्बत करते हो तो मेरी पैरवी करो, अल्लाह भी तुमसे मुहब्बत करेगा और तुम्हारे गुनाहों को माफ़ कर देगा, और अल्लाह बड़ा माफ़ करने वाला है, बड़ा मेहरबान है। : सूरह आले इमरान आयत नं० ३१

Urdu Post : क्या हज व उमरह पर जाने से पहले दरगाह पर जाना शिर्क है?

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  آج بعد نماز عصر میں مسجد نبوی میں کسی کے انتظار میں ٹیب پر آڑی ترچھی لکیریں کھینچنے میں محو تھا کہ یکلخت ماشاءاللہ اور سبحان اللہ کی صدائے ایمانی کان کے پردے سے ٹکرائی ، میں نے مڑ کر دیکھا تو بغل میں ہی ایک صاحب بغور و غوض میری آڑھی ترچھی لکیروں کو دیکھ کر خوش ہو رہے تھے اور میری تعریفیں کر رہے تھے ، میں نے نام پتہ پوچھا تو معلوم ہوا کہ وہ پڑوسی م۔لک کے ہی باشندے ہیں اور فی الحال عمرہ کو آئے ہوئے ہیں ، چونکہ وقت تھا تو سوچا کہ ان بھائی صاحب کا نام بھی لکھ دیتا ہوں شاید میری وجہ سے کسی کے چہرے پر تھوڑی دیر کے لیے ہی مسکراہٹ آ جائے۔ میں نے جب ان کا نام لکھا تو انہیں اتنا پسند آیا کہ اس کو نہ صرف کیمرے کی آنکھ میں قید ہی کیا بلکہ مجھے ڈھیروں دعائیں بھی دیں۔  پھر خود ہی گویا ہوئے کہ میں خواجہ اجمیر شریف ، غریب نواز اور نہ جانے کہاں کہاں کون کون سی درگاہ پر حاضری دے کر یہاں آیا ہوں۔ میں نے سمجھاتے ہوئے کہا کہ محترم کیا اس چیز کا ثبوت کہیں سے ملتا ہے۔۔۔۔۔۔ ، جب بات نہیں بنی تو کہنے لگے کہ میں وہاں دعا کرنے اور ان سے مانگنے نہیں جاتا بلکہ صرف فاتحہ خوانی کے لیے جاتا ہوں ، میں نے کہ...

मुसलमानों के खि़लाफ़ नफ़रत फैलाने की नापाक कोशिश

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टयूटर पर एक वीडियो वायरल की गई है जिसमें विराट हिन्दू सभा में मुसलमानों के खि़लाफ़ भाषण देते हुए कहा कि एक भी मस्जिद-मदरसे नहीं रहने दूंगा, गर्दन उड़ाने की हिम्मत रखता हूं, नीचेे लिंक पर क्लिक करके पूरी वीडियो सुनें सुनिए : एक भी मस्जिद-मदरसे नहीं रहने दूंगा, गर्दन उड़ाने की हिम्मत रखता हूं हिंदू देवी देवताओं के अपमान पर केजरीवाल के घर में घुसने की ताकत रखता हूँ pic.twitter.com/gYYhQePLgb — Nigar Parveen (@NigarNawab) October 9, 2022

जश्न ए मिलादुन नबी पर एक अहम नसीहत

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रबीउल अव्वल का महीना है, हर तरफ जश्न ए मिलाद की धूम है, हमारे बरेलवी भाई जिस जोश व खरोश के साथ यह जश्न मना रहे हैं हमारे सल्फी भाई उतनी ही शिद्दत से उनका रद कर रहे हैं, तंज कर रहे हैं, मजाक उड़ा रहे हैं, मेरा ख़्याल है उन बिदआत को ख़त्म करने का यह मुनासिब तरीक़ा नहीं।हमारे मिलादी भाई जो कुछ कर रहे हैं भले ही शरई एतिबार से वो सब ग़लत है, बिदअत है, मगर ज़रा इस पर ग़ौर करें कि उन सब के पीछे जज़््बा क्या है? उन सब के पीछे उन का जो जज़्बा है वो मोहब्बत ए रसूल का है उसी जज़्बे को बिदअती उलमा केश करते हैं और अपनी अवाम से जो चाहें करा लेते हैं।मैं कभी-कभी महसूस करता हूँ कि मुहब्बत ए रसूल का जो जज़्बा हमारे बरेलवी भाइयों के यहां है उस की मिसाल बहुत कम कहीं मिलती है, हमें अपने उन भाइयों का मज़ाक उड़ाने के बजाए उन के उस जज़्बे को (बरोए कार, सही इस्तेमाल ) में लाने की तदबीर सोचनी चाहिए,ईद मिलादुन्नबी के नाम पर जो कुछ हो रहा है सिर्फ उसका रद कर देना काफी नहीं, तंज़ और मज़ाक का काम करना तो बिल्कुल भी सही नहीं है,हमारी असल ज़िम्मेदारी यह है कि हम अपने उन भाइयों को मुहब्बत ए रसूल का असल मतलब समझाएं, उन के दिमाग़ ...

Stainless Steel Lunch Box : आफिस दुकान एवं स्कूल के लिए लंच बाॅक्स खरीदें

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  Stainless Steel Lunch Box Soft Insulated Tiffin Box (2 SS Container, Microwave Safe Container) आदाब दोस्तों! आज की इस भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में हम अपना अधिकतर समय अपने आफ़िस, दुकान या शोरूम आदि में व्यतीत करते हैं और अगर आप एक अध्यापाक हैं या विधार्थी तो फिर स्कूल या काॅलेज में, और फिर हमें ज़रूरत होती है भोजन की, क्योंकि चार से पांच घण्टे हम लगातार भूखा नहीं रह सकते हैं इसी लिए आप हम आपके लिए लेकर आये हैं बहुत ही सस्ता और अच्छा स्टेनलेस स्टील का लंच बाॅक्स जो आपका सबसे अच्छा साथी है। तो फिर देक किस बात ही सारी डिटेल्स नीचे दी गयी है इसे अच्छी तरह से पढ़ और समझ लीजिए, जल्दी से इसे ख़रीद लें, कहीं ये आफर आपके हाथ से न निकल जाए, ख़रीदने के लिए बटन पर क्लिक करें और सीधे Amazon की भरोसेमंद साइट या एप के माध्यम से इसे अपने घर मंगवाएं। ये आफर सीमित समय के लिए है। M.R.P. Prise: 499 but 73% Off . Total Offer Prise Only = 137/- Product details Material Stainless Steel Brand Generic Age Range (Description) Adult Special Feature Microwave Safe Included Components Stainless Steel and Plastic Item...