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Haryana Murder : हिंदुत्व चरमपंथियों द्वारा आसिफ खान की पीट-पीटकर हत्या : Asif Khan

Haryana Murder (हरियाणा) : हरियाणा के मेवात के एक मुस्लिम जिम ट्रेनर आसिफ खान की रविवार रात हिंदुत्व उग्रवादियों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किए जाने के बाद पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। Haryana Murder खान के परिवार ने दावा किया कि आसिफ खान अपने दोस्तों के साथ अपने गृह गांव खलीलपुर से सोहना जा रहा था, जब 30 लोगों के एक समूह ने उस पर हमला किया। “15 के एक समूह ने कार को रोका और यात्रियों को गाली देना शुरू कर दिया। उनके चाचा हसन खान ने कहा कि उन्होंने “मार मुल्ले को” चिल्लाया – मुसलमानों को मार डालो – और खान को मार डाला। हरियाणा (Haryanan Murder) पुलिस ने दोषियों के खिलाफ आईपीसी 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। लेकिन परिवार के अनुसार अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। Aasif Khan a muslim gym trainer from Mewat Haryana, was lynched to death by Hindu vigilante groups on Sunday night, after forcing him to chant "Jai Shree Raam”, a prayer turned war cry by the Hindu nationalist militants. #JusticeForAsif #JusticeForAsifKhan #justiceforashif pi...

Israeli Bombing : मीडिया कार्यालयों पर इजराइली बमबारी की निंदा : Media in Gaza

Israeli Bombing : नई दिल्ली: प्रमुख भारतीय पत्रकार निकाय, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया भारतीय महिला प्रेस कोर और प्रेस एसोसिएशन ने रविवार को गाजा पट्टी में इजरायल द्वारा मीडिया घरानों पर बमबारी Israeli Bombing की कड़ी निंदा की। फॉरेन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन, फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया ने भी इजरायल की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि बम विस्फोट का इस्तेमाल पत्रकारों और उनके परिवारों द्वारा आवासीय उद्देश्यों के लिए भी किया गया था। उन्होंने संयुक्त बयान में कहा कि “मीडिया घरानों पर बमबारी और उनके कर्मियों और संसाधनों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। यह मीडिया घरानों को ज्यादतियों की रिपोर्ट करने से रोकने के एक स्पष्ट प्रयास के रूप में प्रतीत होता है जो गाजा और फिलिस्तीन के कब्जे वाले हिस्सों में एक नियमित मामला बन गया है। हम ऐसे हमलों की निंदा करते हैं। हम मांग करते हैं कि हिंसा प्रभावित संघर्ष क्षेत्रों में काम कर रहे मीडियाकर्मियों को निशाना बनाना तुरंत पूरी तरह से बंद कर दिया जाए। Sailab News इस बीच, दिल्ली स्थित विदेशी पत्रकारों ने भी गाजा में मीडिया घरानों पर इस्रा...

Special Instructions : औलाद की परवरिश के सम्बन्ध में 30 उपदेश : For Children

S pecial Instructions : बिस्मिल्लिाहिर्रहमानिर्रहीम, अस्सलामु अलैकुम व रह मतुल्लाहि व ब रकातुहू! मेरे प्रिय दोस्तों, इस पोस्ट में औलाद की परवरिश के सम्बन्ध में विशेष उपदेश Special Instructions दिये गये हैं इन Special Instructions को जानना एवं इनका पालन करना आपके लिए अत्यन्त आवश्यक है यदि आप इस पोस्ट में दिये गये Special Instructions का सही प्रकार पालन करते हैं तो यक़ीनन आप अपनी औलाद को एक नेक और आदर्श इंसान बना सकते हैं और समाज में अपनी इज़्ज़त बना सकते हैं। परन्तु आप इन Special Instructions का पालन नहीं करते हैं तो फिर समझ लो कि आपकी औलाद आपके हाथ से निकल गयी, जिसके बाद आपको पछतावे के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं होगा। अतः आप सभी से गुज़ारिश है कि नीचे दिये गये Special Instructions का ध्यानपूर्वक अध्ययन अवश्य करें और Special Instructions को दूसरों तक भी पहुंचाने में हमारी मदद करें, ईश्वर हम सभी का भला करे, और हम सभी की औलाद को नेक बनाए, आमीन! अब आपकी खि़दमत में पेश है: औलाद की परवरिश के सम्बन्ध में विशेष उपदेश Special instructions regarding the upbringing of children औरतों में आदत होती है ...

Islamic Scholars : علماء اور ذریعۂ معاش : ایک حقیقت پسندانہ تجزیہ : Livelihood

بسم اللہ الرحمٰن الرحیم   معاش انسانی زندگی کا ایک بنیادی مسئلہ ہے بلکہ ایک جزء لاینفک ہے ، دنیا میں زندگی گزارنے والا ہر انسان کوئی نہ کوئی ذریعہ معاش ضرور تلاش کرتا ہے۔ چونکہ علماء بھی اسی دھرتی کے واسی ہیں اس لئے دیگر لوگوں کی طرح انہیں بھی یہ مسئلہ درپیش ہوتا ہے ، مگر علماء کے لیے یہ مسئلہ مزید ٹیڑھا ہوتا ہے ، کیونکہ ان کے ناتواں کاندھوں پر فقط اپنے اور اپنے اہل و عیال کا بوجھ نہیں ہوتا بلکہ وہ تو عوام کے بھی (دینی) بوجھ کے حامل ہوتے ہیں ، ایک طرف تو انہیں اپنا گھر سنبھالنا ہوتا ہے ، بیوی بچے دیکھنے پڑتے ہیں تو وہیں دوسری طرف تبلیغ دین اور اصلاح عوام کی ذمہ داری بھی انہی کے سر ہوتی ہے ، اگر وہ اصلاح عوام میں خود کو وقف کرتے ہیں یہاں سے تو اتنی تنخواہ نہیں مل پاتی کہ جس سے ان کا اور ان کے اہل و عیال کا صحیح سے گزر بسر ہو سکے اور اگر وہ اس کو چھوڑ کر کوئی اور ذریعہ معاش تلاش کرتے ہیں ، تو تبلیغ دین والے کام کا مکمل حق ادا نہیں ہو پاتا ، پس ایسے وقت میں ایک عالم کی مثال بالکل اس شخص کی سی ہوتی ہے جو بیک وقت دو کشتیوں پر سوار ہو جائے۔ اس مسئلہ کے حل کے لیے کچھ لوگ یہ تجویز پیش...

Zameer : आप "इशरत" का हुक्म मानेंगे या "ज़मीर" का : Ishrat

Zameer and Ishrat : बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम!  अस्सलामु अलैकुम व रह मतुल्लाहि व ब रकातुहू, मेरे नौजवान दोस्तो ! खुदावंद तआला ने हमारे अन्दर हमारा एक ऐसा दोस्त पैदा किया है, जो हर वक़्त हमें बुरी बातों से रोकता है। चुनांचे (इस कारण से) जब हम किसी बुरे काम का इरादा करते तो हमारा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगता है। यह गोया ख़तरे की घंटी है जो बजने लगती है, हमारी सांस फूलने लगती है, घबराहट सी होती है और अन्दर से एक आवाज़ सुनाई देती है जो Zameer बार-बार कहती है— “यह काम न करो, यह गुनाह (पाप), है इससे अल्लाह नाराज़ होगा, ख़ानदान की इज़्ज़त जाती रहेगी और तुम हमेशा के लिए बदनाम हो जाओगे। अब भी इससे बाज़ आ जाओ।” हमारे इस दोस्त का नाम (Zameer) ज़मीर (आत्मा की आवाज़) है और अल्लाह पाक ने उसे हमारा मुहाफ़िज़ (संरक्षक) बनाकर रखा है। हम इन पोस्ट में ऐसे दोस्तों के लिए जो आपको बुरे कामों से रोकने की हर मुमकिन (संभव) कोशिश करें (Zameer) ज़मीर (आत्मा) का नाम इस्तेमाल करेंगे। लेकिन अज़ीज़ दोस्तो, बात इसी पर ख़त्म नहीं होती, बल्कि उसे अच्छे दोस्त, यानी ज़मीर (Zameer) के साथ-साथ हमारे अंदर एक बुरा ...

Need Friend : दोस्त की ज़रूरत एवं दोस्ती का मेयार : The Standard of Friendship

Need Friend : बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम!  अस्सलामु अलैकुम व रह मतुल्लाहि व ब रकातुहू, मेरे प्यारे नौजवान दोस्तों! जिंदगी गुज़ारने के लिए आपको यक़ीनन दोस्त की ज़रूरत Need Friend पड़ती है और आप दोस्त के बगै़र रह भी नहीं सकते। दरअसल राज़ की बातें कहने, दुःख-दर्द का माजरा सुनाने और हंसी-खु़शी में शरीक होने के लिए दोस्त की बहुत ज़रूरत Need Friend होती है, क्योंकि इन नाज़ुक लम्हात (क्षणों) में आपका भाई भी आपके काम नहीं आ सकता, बल्कि आपको उससे राज़दारी ही बरतनी पड़ती है, ताकि वह आपकी पोशीदा (गुप्त) सरगर्मियों (उत्साहों) से वाक़िफ़ (परिचित) न हो सके, अतः हमेें एक अच्छे दोस्त की ज़रूरत Need Friend पड़़ती है । इसलिए यह एक हक़ीक़त है कि बेतकल्लुफ़ राज़दार और विश्वसनीय Need Friend दोस्त के बगै़र यह दुनिया उदास और वीरान नज़र आने लगती है। Need Friend is very important so दोस्त और दोस्ती दानाओं (बुद्धिमानों) ने दोस्तों के मुताल्लिक चंद निहायत (अत्यधिक) क़ीमती बातें कही हैं, जिन्हें हम आपकी रहनुमाई (दिशा-निर्देश) के लिए दर्ज करते हैं। Need Friend पर अक्लमंदों ने कहा है – Some Important Quotes o...

Corona Virus : कोरोना काल में अपनी ईद कैसे मनाएं? : Worry

Corona Virus : बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम : अस्सलामु अलैकुम व रह मतुल्लाहि व ब रकातुहू! आज हम कोरोना काल में अपनी ईद कैसे मनाएं…? ये सवाल आज हर एक मुसलमान के ज़ेहन में आ रहा है और ख़ास तौर से हमारी माँ बहिनें, बहु और बेटियाँ तो बस, उनका क्या कहना, वो तो यही चाहती हैं कि किसी भी तरह से हमारी ईद अच्छी तरह से हो जाए। और वो आखि़र ऐसा क्यों नहीं चाहें, ज़रूर चाहेंगीं, क्योंकि सालों से यही होता आ रहा है बल्कि सदियाँ गुज़र गयीं हैं सभी लोग बहुत अच्छी तरह से ईद मनाते चले आ रहे हैं। बल्कि ये कहना ग़लत नहीं होगा कि रमज़ान के शुरू होने से पहले ही ईद की तैयारियां शुरू हो जाती थीें, हमारी माँ-बहिनें बड़े जोशो ख़रोश से तैयारी करने में जुट जाया करतीं थीं और ये तैयारियां रमज़ान के आखि़री दिन बल्कि कुछ लोग तो ईद के चांद रात वाले दिन तक करते रहते थे। और चांद रात वाले दिन के क्या कहने, दुकानदार तो यही सोचा करते थे कि जितनी हम सालभर मेहनत करके कमाते हैं उतना एक ही दिन में कमा लेंगे। और यही सिलसिला सालों से चला आ रहा है। नौजवानों का तो ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहता कि नये नये कपड़े और भी ज़रूरत का सामान सब कुछ नया ...