06 Ramadan 29 March 2023: समय सेहरी व इफ़्तार बराए शहर इटावा

 


सच्ची बातें अनमोल बातें - आज की हदीस़

नबी करीम (सल्ल0) ख़ैर-ख़ैरात करने में सबसे ज़्यादा सख़ी थे और रमज़ान में आपकी सख़ावत की तो कोई हद नहीं थी क्योंकि रमज़ान के महीनों में जिब्राईल (अलैहि0) आपसे आकर हर रात मिलते थे यहाँ तक कि रमज़ान का महीना ख़त्म हो जाता वो उन रातों में नबी करीम (सल्ल0) के साथ क़ुरआन मजीद का दौरा किया करते थे। जब जिब्राईल (अलैहि0) आपसे मिलते तो इस ज़माने में नबी करीम (सल्ल0) तेज़ हवा से भी बढ़कर सख़ी हो जाते थे।

Reference:- Book : Sahih Bukhari, Hadees No. # 4997, Status : Sahih

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Guidelines for Speech and Quran Recitation: तक़रीर और तिलावत में गाने की शैली से दूरी और आवाज में मिठास पैदा करने का हुक्म

Nightfall : स्वप्नदोष एवं कसरते एहतलाम की रोकथाम : Treatment