Wuzu with Nail Polish : नेल पाॅलिश के साथ वुज़ू

सवाल: क्या नाख़ून पर नेल पाॅलिश मौजूद होने की सूरत में वुज़ू होगा या नहीं?

जवाबः क़ुरआन-ए-हकीम में वुज़ू के बारे में इरशाद-ए-बारी तआला हैः ऐ ईमान वालों! जब तुम नमाज़ का इरादा करो तो अपने चेहरों और हाथों को धो लो। (सूरह अल-मायदा: 6) 

इस आयते करीमा में चेहरे और हाथों को धोने का हुक्म है। वुज़ू में उनका धोना फ़र्ज़ है। जब नाख़ूनन पर नेल पाॅलिश लगी हो तो नाख़ून धोए नहीं जा सकते जिससे वुज़ू नहीं होता। वुज़ू में हाथों और पावों की उंगलियों का ख़लाल इसी लिए है कि पानी की तरी का अस़र हर हिस्से पर अच्छी तरह पहुंच जाए। 

इसी तरह हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ि0 से रिवायत है कि अल्लाह के नबी सल्ल0 एक सफर में हम से पीछे थे। आपने हमें इस हालत में पाया कि नमाज़ का वक़्त था और हम वुज़ू कर रहे थे, हम अपने पावों को हलका सा धो रहे थे तो आपने बुलंद आवज़ से कहाः ऐढ़ियों के लिए आग की हलाकत है। (बुख़ारी, किताबुल इल्म: 60)

इसी तरह सहीह बुख़ारी में इमाम इब्ने सीरीन ताबई रहिमहुल्लाह के बारे में है कि वो जब वुज़ू करते तो अंगूठी वाली जगह को धोते थे। ये सिर्फ इसी लिए था कि उंगलियां ख़ुश्क ना रह जाएं, क्योंकि वुज़ू में जो आज़ा धोए जाते हैं उनका ख़ुश्क रह जाना सही नहीं है।

नेल पाॅलिश लगाने से नाूख़ूनों पर तह जम जाती है और नाख़ूनों तक पानी नहीं पहुंच पाता, इसी लिए ज़रूरी है कि वुज़ू के वक़्त पाॅलिश उतार दी जाए ताकि वुज़ू वाले हिस्से को अच्छी तरह से धोया जा सके। अगर नेल पाॅलिश लगी रही तो वुज़ू नहीं होगा।

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