NPS Vs OPS : नई पेंशन स्कीम और पुरानी पेंशन स्कीम में 10 बड़े अंतर जानिए


NPS Vs OPS आजकल देश में पुरानी पेंशन योजना को लेकर काफी चर्चा है। लाखों कर्मचारी लाभ के लिए आस लगाए बैठे हैं हाल ही में उत्तर प्रदेश चुनाव से पुरानी पेंशन को फिर से जोर मिला है वहीं, केंद्रीय कर्मचारियों को भी इसका इंतजार है। उम्मीद है कि सरकार कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को New Pension Scheme (NPS) से Old Pension Scheme (OPS) में ला सकती है इनमें वो कर्मचारी शामिल होंगे, जिनकी भर्ती के लिए विज्ञापन 31 दिसंबर 2003 को या उससे पहले जारी किए गए थे सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इसकी सुगबुगाहट शुरू हुई है  

सन् 2005 में बंद हुई थी पुरानी पेंशन

माह अप्रैल 2005 के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की केंद्र सरकार ने नियुक्तियों के लिए पुरानी पेंशन को बंद कर दिया था नई पेंशन योजना लागू की गई थी केंद्र सरकार के बाद नई पेंशन योजना लागू करने में राज्य भी पीछे नहीं रहे हालांकि, ये अनिवार्य नहीं था यूनियन का मानना है कि उस वक्त कर्मचारी इस नई पेंशन योजना को समझ नहीं पाए, उन्हें ऐसा लगा था, जैसे यह योजना सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पुरानी पेंशन योजना से ज्यादा फायदा देगी, लेकिन ये भ्रम टूटा और पिछले कई सालों से नई पेंशन योजना का विरोध शुरू हो गया. आइये समझते हैं कि दोनों पेंशन स्कीम में आखिर अंतर क्या है..?

NPS और OPS में क्या हैं 10 बड़े अंतर

न्यू पेंशन स्कीम (NPS)ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS)
NPS में कर्मचारी के वेतन से 10% (बेसिक+DA) की कटौती होती है. ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती.
NPS में जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की सुविधा को नहीं जोड़ा गया है.पुरानी पेंशन योजना में GPF (General Provident Fund) की सुविधा है.
नई पेंशन योजना (NPS) शेयर बाजार आधारित है, बाजार की चाल के आधार पर ही भुगतान होता है.पुरानी पेंशन (OPS) एक सुरक्षित पेंशन योजना है. इसका भुगतान सरकार की ट्रेजरी के जरिए किया जाता है.
NPS में रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं है. पुरानी पेंशन OPS में रिटायरमेंट के समय अंतिम बेसिक सैलरी के 50 फीसदी तक निश्चित पेंशन मिलती है.
NPS में 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता लागू नहीं होता है.पुरानी पेंशन योजना में 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू होता है.
NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का अस्थाई प्रावधान है. OPS में रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी मिलती है.
NPS में सर्विस के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन मिलती है, लेकिन योजना में जमा पैसे सरकार जब्त कर लेती है.OPS में सर्विस के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन का प्रावधान है.
NPS में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के आधार पर जो पैसा मिलेगा, उस पर टैक्स देना पड़ेगा.OPS में रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं लगता है.
NPS में रिटायरमेंट पर पेंशन प्राप्ति के लिए NPS फंड से 40 फीसदी पैसा इन्वेस्ट करना होता है.OPS में रिटायरमेंट के समय पेंशन प्राप्ति के लिए GPF से कोई निवेश नहीं करना पड़ता है.
NPS में यह प्रावधान नहीं है. मेडिकल फैसिलिटी (FMA) है, लेकिन NPS में स्पष्ट प्रावधान नहीं है.OPS में 40 फीसदी पेंशन कम्यूटेशन का प्रावधान है.

आखि़र देश हित में क्या है? NPS या OPS...?


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